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30 मार्च, 2020|3:26|IST

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वृष

29 मार्च 2020

आत्‍मविश्‍वास में तो वृद्धि होगी। कला एवं संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा। मानसिक शान्ति रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। खर्चों की अधिकता रहेगी। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। खर्चों में वृद्धि होगी। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

वृष

30 मार्च 2020

क्षणे रुष्‍टा-क्षणे तुष्‍टा की मानसिक स्‍थिति बन सकती है। सन्तान को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आ सकती हैं। कुटुम्ब परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। कार्यक्षेत्र में सुधार होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। (पं.राघवेंद्र शर्मा)

वृष

31 मार्च 2020

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वृष

week14-2020

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वृष

1 मार्च 2020

मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मास के आरंभ में किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। वाहन के रखरखाव पर खर्च भी बढ़ सकते हैं। 15 मार्च से धैर्यशीलता में कमी आएगी। आय में कमी आ सकती है। 23 मार्च से जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। कार्यक्षेत्र में कठिनाई आ सकती है। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)