26 फरवरी, 2020|7:11|IST

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वृष

25 फ़र॰ 2020

मन में नकारात्मकता का प्रभाव हो सकता है। आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। परिवार की समस्याएं परेशान करेंगी। रहन-सहन में असहज रहेंगे। खर्च बढ़ सकते हैं। किसी पुराने मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

26 फ़र॰ 2020

मानसिक शान्ति तो रहेगी,परन्तु वाणी में कठोरता का प्रभाव भी रहेगा। मन अशान्त रहेगा। मन में निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। नौकरी में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। कार्यक्षेत्र पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

27 फ़र॰ 2020

किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी आएगी। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। परिवार की समस्या परेशान कर सकती हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

वृष

week9-2020

वृष : (21 अप्रैल-20 मई)
 कार्यों के प्रति उत्साह रहेगा, परंतु बातचीत में संतुलित रहें। मन अशांत रहेगा, धर्म-कर्म के प्रति रूझान बढ़ेगा। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं, माता का सहयोग मिलेगा। माता से धन प्राप्ती के योग हो सकते हैं, किसी मित्र का आगमन हो सकता है। बौद्धिक कार्यों से धर्नाजन होगा, नौकरी में स्थान परिवर्तन की संभावना बन रही है। परिवार के संग किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाना हो सकता है, खर्चों में वृद्धि होगी, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 फ़र॰ 2020

मास के प्रारंभ में स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। आठ फरवरी के बाद से बातचीत में संतुलित रहें। वाणी में कठोरता का प्रभाव बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। परिश्रम की अधिकता रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि के स्त्रोत विकसित हो सकते हैं। वस्त्र उपहार में प्राप्त हो सकते हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

वृष

1 जन॰ 2020

वृष- (21 अप्रैल-20 मई)

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 14 जनवरी तक माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। 15 जनवरी से परिस्थितियों में सुधार होगा। 8 फरवरी के बाद जीवनसाथी को स्वास्‍थ्‍य विकार हो सकते हैं। 25 जनवरी से शनि की ढैया का प्रभाव समाप्त होगा। भाग्य में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। परन्तु कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। 30 मार्च से धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। आय की स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जाना हो सकता है। 24 सितम्बर से मानसिक परेशानियां बढ़ेंगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार भी हो सकते हैं।

उपाय-

1:प्रतिदिन प्रातः ‘आदित्य हृदय स्त्रोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को अर्पित करें।

2:एक मुट्ठी चने की दाल बुधवार के दिन पानी में भिगोकर बृहस्पतिवार के दिन प्रातः गाय को खिलायें।

3:शनिवार के दिन हनुमान जी के चरणों में काले तिल में गुड़ मिलाकर चढ़ायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)