26 फरवरी, 2020|6:39|IST

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कर्क

25 फ़र॰ 2020

मन अशान्त रहेगा। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। वाहन सुख में कमी आ सकती है। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। भाइयों से साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं।

नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कर्क

26 फ़र॰ 2020

आत्मविश्वास में वृद्धि तो होगी, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी आयेगी। कार्यों के प्रति जोश एवं उत्साह रहेगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां रहेंगी। परन्तु परिश्रम की अधिकता रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कुटुम्ब के किसी बुजुर्ग की हानि हो सकती है। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कर्क

27 फ़र॰ 2020

आशा-निराशा के मिश्रित भाव रहेंगे। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। वाणी में सौम्यता रहेगी। किसी पैतृक सम्पत्‍ति का लाभ हो सकता है। भाइयों में विवाद हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान रहेंगे। सन्तान को कष्ट रहेगा। खर्च अधिक रहेंगे। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)

कर्क

week9-2020

कर्क : (22 जून -23 जुलाई)
आत्मविश्वास में कमी आएगी, शांत रहें। सुस्वाद खान-पान में रुचि बढ़ेगी, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। परिवार में धार्मिक कार्य होंगे, किसी मित्र के सहयोग से संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। संचित धन में कमी आएगी, लेखनादि, बौद्धिक कार्यों से धर्नाजन हो सकता है। कला व संगीत में रुचि बढ़ेगी, वस्त्रों पर खर्चा बढ़ेगा। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि संभव है, परिश्रम की अधिकता रहेगी, खर्चों में वृद्धि होगी।  (पं. राघवेंद्र शर्मा)

कर्क

1 फ़र॰ 2020

आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, परंतु क्रोध और आवेश की अधिकता रहेगी। तीन फरवरी के बाद माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। आय की स्थिति में सुधार होगा। आठ फरवरी से स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। संतान को कष्ट रहेगा। पिता को शारीरिक कष्ट हो सकते हैं। कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। (पंडित राघवेंद्र शर्मा)

कर्क

1 जन॰ 2020

कर्क-(22 जून-23 जुलाई)।

वर्ष के प्रारम्भ क्रोध की अधिकता रहेगी। मन अशान्त रहेगा। कला एवं संगीत के प्रति रुझान बढ़ना चाहिए। 25 जनवरी के बाद पारिवारिक जीवन में सुधार होना चाहिए, परन्तु मानसिक कठिनाइयां भी बढ़ेंगी। 30 मार्च के बाद मानसिक कठिनाइयों में कमी आनी प्रारम्भ हो जाएंगी। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे। 12 मई से 30 सितम्बर के मध्य सन्तान को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। 24 सितम्बर से खर्चों में कमी आयेगी। आय वृद्धि के साधन विकसित होंगे, परन्तु स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। 19 नवम्बर के बाद वाहन सुख में वृद्धि के योग बन रहे हैं। भौतिक सुखों में वृद्धि होगी। माता का सानिध्य मिलेगा। 21 नवम्बर के बाद लेखनादि-बौद्धिक कार्यों से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं।

उपाय-

1:सवा पांच रत्ती का पुखराज सोने की अंगूठी में जड़वाकर दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करें।

2:शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद सरसों के तेल का दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलायें।

3: मंगलवार के दिन रोटी में गुड़ रखकर गाय को खिलायें। (पं.राघवेन्द्र शर्मा)