17 फरवरी, 2020|3:38|IST

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अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पीएम मोदी को दिया न्यौता

दिल्ली के रामलीला मैदान में 16 फरवरी को होने जा रहे मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह के लिए अरविंद केजरीवाल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी न्यौता दिया गया है।

आम आदमी पार्टी दिल्ली चुनाव में बड़ी जाती हासिल की है। यहां की 70 में से 62 सीटों पर जीतकर आम आदमी पार्टी तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है।

'नन्हे केजरीवाल' को मिला अरविंद के शपथ ग्रहण में शामिल होने का न्योता

इससे पहले, पार्टी के नेता गोपाल राय ने कहा था कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में किसी मुख्यमंत्री या अन्य राज्यों के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाएगा, बल्कि सिर्फ दिल्ली के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। 

केजरीवाल कैबिनेट में नहीं होगा कोई बदलाव, पुराने मंत्री ही लेंगे शपथ

दिल्ली में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही आम आदमी पार्टी सरकार के नए मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं होगा। माना जा रहा है कि सभी पुराने मंत्री ही नई सरकार में भी मंत्री बनेंगे। हालांकि, किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय मिलेगा, इसका बंटवारा बाद में होगा। आप के सभी कैबिनेट मंत्री जीतने में कामयाब रहे हैं। इससे पहले अटकलें थी कि 'आप' की नई सरकार के मंत्रिमंडल में राघव चड्ढा, आतिशी जैसे कई युवा चेहरों को मौका मिल सकता है। 

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में एक बार फिर आम आदमी पार्टी ने बंपर जीत हासिल की है। मंगलवार को आए नतीजों में आम आदमी पार्टी ने पचास फीसदी से ज्यादा वोट लेकर 62 सीटों पर जीत हासिल की है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायकों की संख्या तीन से बढ़कर आठ हो गई है। कांग्रेस पिछली बार की तरह अपना खाता नहीं खोल पाई है। कांग्रेस के 63 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है।

केजरीवाल तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे 

शीला दीक्षित के बाद अरविंद केजरीवाल ऐसे दूसरे नेता होंगे, जो तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शीला दीक्षित 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। उन्हें 2013 में हराकर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सत्ता संभाली थी। इसके बाद उन्होंने 67 सीट जीतकर 2015 में दोबारा सीएम पद की शपथ ली थी। अब वह तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

भाजपा निराश, कांग्रेस का सूपड़ा साफ

जीत का दावा कर रहे भाजपा नेता परिणाम के बाद निराश दिखाई दिए। पार्टी के मात्र आठ उम्मीदवार ही चुनाव जीत पाए। भाजपा को दावे के अनुरूप परिणाम तो नहीं मिले, लेकिन इस बार उसका मत प्रतिशत बढ़ा है। दूसरी ओर, इस चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। कांग्रेस का मत प्रतिशत 4.26 प्रतिशत रहा। पिछले चुनाव के मुकाबले इसमें पांच फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। कांग्रेस के 66 प्रत्याशियों में से सिर्फ तीन की जमानत बच सकी। दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का यह सबसे खराब प्रदर्शन है।

 

 

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  • Web Title:Arvind Kejriwal invites PM Modi for the swearing-in ceremony in Ramleela ground