21 फरवरी, 2020|11:30|IST

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पुलवामा हमले की पहली बरसी पर राहुल गांधी ने सरकार से पूछा- किसको हुआ ज्यादा फायदा और जांच में क्या निकला?

पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को हुए जैश-ए-मुहम्मद (जैश) के आत्मघाती हमलावर ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हमला किया था और इस आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हुए थे। आज देशभर में लोग जहां शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके सरकार पर हमला बोला है और सवाल किया कि आखिर इस हमले का सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ, इसकी जांच में क्या निकला और सरकार में किस व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया गया?

राहुल ने शहीद जवानों के पार्थिव शरीर वाले ताबूतों की तस्वीर शेयर करते हुए ट्वीट किया, 'आज जब हम पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों को याद कर रहे हैं तो हमें यह पूछना है कि इस हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसको हुआ?' उन्होंने यह सवाल भी किया, 'हमले की जांच में क्या निकला? हमले से जुड़ी सुरक्षा खामी के लिए भाजपा सरकार में अब तक किसको जवाबदेह ठहराया गया है? '
 

 

वहीं सीआरपीएफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से पुलवामा के शहीदों को शत-शत नमन किया और लिखा- 

"तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोये नहीं।
गर्व इतना था कि हम देर तक रोये नहीं।"

 

 

क्या हुआ था 14 फरवरी 2019 को?

जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था। सामान्य दिन की तरह ही उस दिन भी सीआरपीएफ के वाहनों का काफिला अपनी धुन में जा रहा था। तभी तभी एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर इस काफिले के साथ चल रहे वाहन में टक्‍कर मार दी। इसके साथ ही एक जबरदस्‍त धमाका हुआ। यह आत्मघाती हमला इतना बड़ा था कि मौके पर ही सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। 

पुलवामा हमले के एक साल बाद भी आतंकी हमलों की चुनौतियां सुरक्षा एजेसियों के लिए कम नहीं हुई हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान की ओर से बड़े हमलों को अंजाम देने की साजिश के मकसद से घुसपैठ कराई जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के निर्देशन में सभी खुफिया एजेंसियां तालमेल के साथ सुरक्षा बलों से इनपुट साझा कर रही हैं। अमेरिका, फ्रांस सहित कई अन्य देशों से लगातार खुफिया इनपुट साझा किया जा रहा है। पुलवामा हमले में संभावित चूक को लेकर कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। लेकिन जांच के तथ्यों के आधार पर काफी काम किया गया है जिससे पुलवामा जैसी घटना दोहराई न जा सके। अब सुरक्षा एजेंसी काफी चौकस हो गई है। 
 
इस हमले से दुश्मनों को खत्म करने का संकल्प और मजबूत हुआ है। यही वजह है कि जवान अब आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अतिरिक्त जोश के साथ लड़ते हैं। सीआरपीएफ ने सबक लेते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति भी बदली है जिसके असर दिख रहे हैं। 

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  • Web Title:Congress leader rahul gandhi asked three questions from modi government on pulwama terror attack first anniversary